Sunday, May 31, 2009

es kadar

इस कदर खूब है दिल्लगी आपकी.
आज भी दिल में है दोस्ती आपकी,
जब भी फुरसत के लम्हे हमे है मिले,
दिल ने महसूस की है कमी आपकी.

वो मौत भी बड़ी सुहानी होगी.
जो तेरी दोस्ती में आनीं होगी
वादा रहा तुमसे पहले हम जायेंगे,
क्योंकि तुम्हारे स्वागत की रस्म भी तो निभानी होगी.

कब्र की मिटटी उठा ले गया कोई
इसी बहाने हमे छूकर गया कोई
तन्हाई और अँधेरे में खुश थे हम तो लेकिन,
फिर से इंतज़ार करने की वज़ह दे गया कोई.

हमारी आंखो में जो नमी छाई है
वो आपके दूर होने की गवाही है
याद इतना न किया करो हमे
हिचकियाँ ले ले के मेरी जान पे बन आयी है.

आँखों की सजा तब तक जब तक दीदार न हो,दिल की सजा तब तक जब तक प्यार ना हो !
ये जिंदगी भी एक सजा है ,जब तक आप जैसा यार ना हो !

आप भी जनाब बातें कमाल करते हो ,कैसे -कैसे हम से सवाल करते हो ,
उठाते नही मोबाइल जब करते है काल हम ,उल्टा मेरे सर पे चढ़ के धमाल करते हो .
ओह्ह कंजूस कभी तुम भी करो डायल , वैसे तो बातें बड़ी बेमिसाल करते हो !

आप हर मंजिल को मुश्किल समझते है, हम आपको मंजिल समझते है ,
बडा फर्क है आपके और हमारे नजरिये में ,आप सपना और हम आपको अपना समझते है !

आप को मिस करना रोज़ की बात है ,याद करना आदत की बात है ,
आप से दूर रहना क़यामत की बात है ,मगर आपको झेलना हिम्मत की बात है !

आप समझते है हमने आपको भुला रक्खा है , आप नही जानते की दिल में बसा रक्खा है ,
देख ना ले कोई आप को हमारी आँखों में , इसलिए पलको को इस कदर झुका रक्खा है !

आसमान को नींद आये तो सुलाऊ कहाँ ? धरती को मौत आये तो दफनाऊ कहाँ ?
सागर में लहर आये तो छुपाऊ कहाँ ? जब तेरी याद आये तो जाऊ कहाँ ?

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