
हर किसी को भी हो जाती है मोहब्बत
हर किसीको रस न आती है मोहोब्बत;
सिर्फ सिवाए दर्द के कुछ न देती ये मोहोब्बत;
फिर भी क्यों हो जाती है ये मोहोब्बत.
प्यार हसता है;
प्यार ही रुलाता है;
सिवाए इसके;
इसे और कुछ न आता है.
प्यार का दूसरा नाम इन्तेज़ार है;
इन्तेज़ार का दूसरा नाम प्यार है;
दोनों ही एक दुसरे से ऐसे जुड़े हुए है;
लगता है दोनों को ही एक दुसरे से प्यार हे।
हर किसी के नसीब में प्यार नहीं होता;
हर किसी से इज़हार नहीं होता;
दोस्त तो होते ही मिलकर बेचाद जाने के लिए;
यु ही किसी को भी प्यार नहीं होता.
दोस्ती देती है खुशी;
बाद में होता है प्यार,
इसलिए मिलकर बिचाद जाते है दोस्त;
बस रह जाती है याद.
आँखों में नमी है;
सांसे भी थमी है;
अब नहीं अच लगता कुछ भी इस जाहन में;
जिंदगी में प्यार की जो कामी है.
जिंदगी हर मुकाम पर इम्तेहान लेती है;
धुप के बाद ही तो चाहो होती है;
कितना भी अँधेरा क्यों न हो;
जिंदगी में कभी न कभी तो सुबह ज़रूर होती है.
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