ये पल ही टू हैं जो कभी पास नही रहते
ये पल खुशियों का अनमोल खजाना
ये पल खुसही से कर दे दीवआना
ये पल इसको झपट लू मैं
ये पल इनको समेत लू मैं
ये पल सदिया समाये हैं जिसमे
ये पल साडी खुदाई हैं जिसमे
इस पल को सम्भालू मैं कैसे
इस पल को सम्भालू मैं कैसे
इस पल को कैसे मैं महसूस करू
इतनी खुशिया इस इक पल मैं
इन खुशियों के लिए कितने जनम और लुबंद कर लू
इन पालो को कहीं टेल मी
रखकर भूल जाऊ टेल की चाबी मैं
आंखें खोलू आंखें बंद करू
बस इन पालो से रोज़ मुखातिब हो
उईस पल के उजाले से अँधेरा मिट जाता हैं
जब अँधेरा होता हैं
टू आप जैसा कोई खूबसूरत हमे भी याद अत हैं
ज़िंदगी क्या हैं सोचो टू
बहुत साडी उदासी बहुत साडी परेशानियों का नाम
मगर जब आप हो हमारे पास टू दिल को हर पल आराम
ये पल सुनहरे से लगते हैं
किसी के खूबसूरत लंबे बालो से नज़र आते हैं
कभी यही पल हसीं हो जाते हैं
किसी की यादों मी हम अब कभी कभी नज़र आते हैं
ये पल जाने फ़िर कब लौट कर आयेंगे
ये पल फ़िर से कब घड़ी की सुइयों मी सुबह की ७ बजायेंगे
ये पल अब मोतियों से बस संभल लो इनको
ये पल हैं उन मोतियों की माला के
ज़रा पिरो लो इनको
ये पल ज़िंदगी के हसीं खजाने से लगते हैं
आप अपनी आँखें झपकते हैं
मेरी आंखों मी रोज़ चलते हैं
चलो इन पालो को हम मिलकर महसूस करे
और मिलकर करे इंतज़ार एक नई सुबह का
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